Aadhar Mobile Update Process : आज के समय में आधार कार्ड केवल पहचान पत्र नहीं बल्कि कई डिजिटल सेवाओं की कुंजी बन चुका है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जैसी लगभग हर प्रक्रिया में आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर अहम भूमिका निभाता है। किसी भी वेरिफिकेशन के दौरान ओटीपी इसी नंबर पर आता है, इसलिए अगर आपका मोबाइल नंबर एक्टिव नहीं है तो कई जरूरी सुविधाओं का लाभ लेना मुश्किल हो सकता है। आधार से जुड़ा नंबर आपकी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाता है और समय-समय पर जरूरी अपडेट भी इसी पर मिलते हैं।
मोबाइल नंबर लिंक न होने पर क्या समस्या हो सकती है
अगर आधार से मोबाइल नंबर जुड़ा नहीं है या बंद हो चुका है तो ऑनलाइन पेमेंट, पैन-आधार लिंकिंग, बैंकिंग सेवाएं और सरकारी योजनाओं में रजिस्ट्रेशन जैसी प्रक्रियाएं रुक सकती हैं। आधार में कोई भी बदलाव या अपडेट करने के लिए भी रजिस्टर्ड नंबर जरूरी होता है। UIDAI द्वारा भेजे जाने वाले अलर्ट और जानकारी भी उसी मोबाइल पर आती है, इसलिए नंबर सही और चालू होना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।
ऑनलाइन मोबाइल नंबर अपडेट की पात्रता
मोबाइल नंबर को ऑनलाइन बदलने की सुविधा केवल उन्हीं लोगों को मिलती है जिनका पुराना नंबर अभी भी आधार से जुड़ा और सक्रिय है। सुरक्षा कारणों से पुराने नंबर पर ओटीपी भेजकर पहचान की पुष्टि की जाती है। यदि पुराना नंबर बंद हो चुका है या खो गया है तो ऑनलाइन अपडेट संभव नहीं होगा और आपको नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए नया नंबर जोड़ना पड़ेगा।
आधिकारिक ऐप से अपडेट की शुरुआत
मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए सबसे पहले UIDAI का आधिकारिक mAadhaar ऐप अपने फोन में इंस्टॉल करना जरूरी है। ऐप डाउनलोड करते समय ध्यान रखें कि केवल ऑफिशियल ऐप ही इंस्टॉल करें। ऐप खोलने के बाद आधार नंबर दर्ज करके फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होता है, जिसके बाद आप आधार से जुड़ी सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। यह प्रक्रिया आपकी पहचान सुरक्षित रखने के लिए बनाई गई है।
My Aadhaar सेक्शन में मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया
ऐप में लॉग इन करने के बाद ‘My Aadhaar’ या अपडेट सेक्शन में जाकर मोबाइल नंबर अपडेट का विकल्प चुनना होता है। यहां आपको पुराने नंबर पर भेजे गए ओटीपी से पहले सत्यापन करना पड़ता है, फिर नया नंबर दर्ज करके दूसरे ओटीपी से पुष्टि करनी होती है। दोहरे वेरिफिकेशन की यह प्रक्रिया धोखाधड़ी से बचाने के लिए जरूरी मानी जाती है। अपडेट के दौरान इंटरनेट कनेक्शन सही होना चाहिए ताकि प्रक्रिया बीच में न रुके।
फेस ऑथेंटिकेशन और फीस भुगतान
ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद कई बार फेस ऑथेंटिकेशन भी करना पड़ता है, जिसमें कैमरे के सामने चेहरा दिखाकर पहचान की पुष्टि की जाती है। इसके बाद मोबाइल नंबर अपडेट के लिए तय प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करना होता है, जो वर्तमान में करीब ₹75 है। भुगतान सफल होने पर आपको एक अपडेट रिक्वेस्ट नंबर मिलता है, जिससे आप अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं।
अपडेट स्टेटस और समय सीमा
मोबाइल नंबर अपडेट करने के बाद उसका स्टेटस mAadhaar ऐप या UIDAI की वेबसाइट पर URN के जरिए चेक किया जा सकता है। सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया कुछ दिनों में पूरी हो जाती है, लेकिन कभी-कभी अधिक समय भी लग सकता है। अपडेट सफल होने पर नए मोबाइल नंबर पर मैसेज आ जाता है, जिससे आपको पुष्टि मिल जाती है कि आपका नंबर आधार से जुड़ चुका है।
आधार सेवा केंद्र जाने का विकल्प
अगर पुराना मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है तो आधार सेवा केंद्र पर जाकर ही नंबर बदलना होगा। वहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद अधिकारी नया नंबर अपडेट करते हैं। भीड़ से बचने के लिए पहले से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेना बेहतर रहता है। केंद्र पर भी मोबाइल अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क देना होता है और प्रक्रिया पूरी होने पर रसीद मिलती है जिसे संभालकर रखना चाहिए।
जरूरी सुरक्षा टिप्स
आधार से जुड़े किसी भी काम में अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर अपना आधार नंबर या ओटीपी साझा न करें, क्योंकि UIDAI कभी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगता। हमेशा आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही उपयोग करें और पब्लिक वाई-फाई पर आधार से जुड़े काम करने से बचें। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रख सकते हैं।